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      नया साल फिर आ रहा है

 
मुबारक नया साल फिर आ रहा है
जिसे देखिये झूमकर गा रहा है

हूआ ख़त्म आंसू बहाने का मौसम
ख़ुशी देके हमको वो हर्षा रहा है

नए साल ने भर दिए है ख़ज़ाने
जिसे देखिये वो ही इतरा रहा है

है मस्ती दिलों में नशा है निराला
कोई जाम पर जाम छलका रहा है

भरो अपना दामन बड़ों की दुआ से
नया साल हमको ये समझा रहा है

यह पुरकैफ़ माहौल देवी है भाया
जिसे देखिये खुश नज़र आ रहा है

- देवी नागरानी
१ जनवरी २०२५

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