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         सपना नया सुहाना

 
नया साल लेकर आया
सपना नया सुहाना

विगत साल में कुछ खुशियाँ
हमसे जो थी रूठीं
उम्मीदों की बैसाखी
जो कुछ पल चलकर टूटी
मंज़िल पाते-पाते रह गई
चाह राह में भटकी

खट्टी मीठी यादों के संग
बीता साल पुराना
नया साल लेकर आया
सपना नया सुहाना

सागर की इक अंगड़ाई ने
दिये सुनामी झटके
नए साल से यही कामना
अब चाह राह न भटके
मन हर्षाती लहरें अब फिर
कभी कहर ना बरपें

फौलादी उम्मीदों के संग
खुशियों का नज़राना
नया साल लेकर आया
सपना नया सुहाना

- सत्यनारायण सिंह
१ जनवरी २०२५

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