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      लो साल आ गया है नया

 
सूरज लिए उमंग उगा एक बार फिर
लो साल आ गया है नया एक बार फिर

जब साल है नया तो करें काम हम नये
उल्लास हर्ष मन में जगा एक बार फिर

पिछले बरस जो हो न सका इस बरस में हो
माँगी यही ख़ुदा से दुआ एक बार फिर

हो फिर से एक बार शुरुआत इक नयी
आ जाये ज़िन्दगी का मज़ा एक बार फिर

उपवन सजा विशेष महक और रंग से
शुभकामना का पुष्प खिला एक बार फिर

- अमित खरे
१ जनवरी २०२६

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