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      नये साल का संदेश

 
साथ सबका निभाना नए साल में
हाथ तुम मत छुड़ाना नए साल में

वादा करके निभाना हमेशा ही तुम
मत बहाने बनाना नए साल में

कोई गिरता है तब तुम उठाओ उसे
मत हँसी तुम उड़ाना नए साल में

काम जो भी बुरा छोड़ना है तुम्हें
लत बुरी मत लगाना नए साल में

गलती अपने करें ध्यान मत तुम धरो
गलतियों को भुलाना नए साल में

मेल सबसे बढ़ाते रहो तुम सदा
मिलने दुश्मन से जाना नए साल में

सामना मुश्किलों का करो तुम सदा
पीठ मत तुम दिखाना नए साल में

बन के जुगनू अभी तक बहुत जी लिए
तेज सूरज सा लाना नए साल में

- दिनेश विकल
१ जनवरी २०२६

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