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नव वर्ष अभिनंदन
2007
1

 तुम्हें महसूस कर लें

 मुदित नया साल

नववर्ष, तुम पावन हो
बहुत मनभावन हो।
तुम्हारे आने का स्वागत
करता है प्यारा वसंत।
हँसने लगी, बहने लगी
शीतल मंद बयार।
हे नववर्ष तुम आओ
अंजुरिभर खुशियाँ लाओ।
तनिक सब हँस लें, गा लें
तुम्हें महसूस कर लें।
सच बताओ नववर्ष
तुम्हें भी होता होगा हर्ष
इतराते होंगे मन ही मन
''दुनिया है मेरी मुठ्ठी में
मेरे आने भर से
बदल जाता है विश्व का
साल दिन मौसम।''

मधुलता अरोरा
1 जनवरी 2007


 

         

ओस भीगी धरा
किरनों के पाँव
उतरा है सूरज
अपने इस गाँव

पत्तों से छनकर
आई है धूप
निखरा है प्यारा
धरती का रूप

शरमाती कलियाँ
मुस्काते फूल
बाट में बिछाए
घास के दुकूल

तरुवर पर पाखी
देते हैं ताल
द्वार पर खड़ा है
मुदित नया साल

रामेश्वर दयाल कांबोज 'हिमांशु'

  

मैं आ रहा हूँ

मैं आ रहा हूँ
खुशियाँ ला रहा हूँ
बच्चों, तुम हँसते रहो
खिलखिलाते रहो
देखो, तुम रोना मत
सीखो मुझसे एक बात
साल भर सहता हूँ सब घात
बम-विस्फोट, दंगे मार-काट
पर आता हूँ हर वर्ष
लाता हूँ परिवर्तन और हर्ष
इसीलिए पाता हूँ
तुमसे प्यार दुलार
तुम्हारी निष्कपट आँखें
देती हैं मौन निमंत्रण
और मैं चला आता हूँ
गाता हूँ, रिझाता हूँ
इस वर्ष भी आ रहा हूँ
लेकर प्यार की सौग़ात।

मधुलता अरोरा
1 जनवरी 2007

नूतन वर्ष हाइकु

नूतन वर्ष
करें अभिनंदन
मिटेगा तम

नए साल का
होता शुभागमन
सुस्वागतम

समीर लाल 'समीर'
1 जनवरी 2007

 

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