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नव वर्ष अभिनंदन

हो बहुत मुबारक

         

पहने सपनों की विजय माल
हो बहुत मुबारक नया साल

नए साल की नई किरन
सब गान मधुर पावन सुमिरन

सब नृत्य सजे सुर और ताल
हो बहुत मुबारक नया साल

फिर से उम्मीद के नए रंग
भर लाएँ मन में नित उमंग

खुशियाँ ही खुशियाँ बेमिसाल
हो बहुत मुबारक नया साल

उपहार पुष्प मादक गुलाब
मीठी सुगंध उत्सव शबाब

शुभ गीत नृत्य और मधुर ताल
हो बहुत मुबारक नया साल

संध्या

  

नया साल

बज उठा अलार्म घड़ी का
संकेत सुबह का आना है।
जल्दी से अब उठकर मुझको
खाना अभी बनाना है।
फिर जल्दी से टिफिन लगाकर
मुझको चाय बनाना है।
अरे! आज तो नया साल है
कैसे उसे मनाना है?
लेकिन वह तो शाम ढले है
घर से बाहर जाना है।
इनको दफ्तर को देर हुई
ओह! मुझको बैग लगाना है।
बच्चों को स्कूल छोड़ने
बस स्टॉप भी जाना है।
छितरा पड़ा है घर सारा ही
आकर इसे लगाना है।
बच्चों के आने से पहले
सभी काम निबटाना है।
पानी के जाने से पहले
कपड़े धोने जाना है
जल्दी से धोकर के उनको
मुझको उन्हें सुखाना है।
छुट्टी का अब समय हो गया
वापस बच्चों को लाना है।
फिर बच्चों संग मिलकर मुझको
उनका काम कराना है
अब लेकर तोहफ़े और दुआएं
अपनों के घर जाना है।
फिर सबके संग मिलजुलकर-
नया साल मनाना है,
नया साल मनाना है...

भावना कुंअर
1 जनवरी 2007

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