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अच्छी सी शुरुआत
 
अच्छे दिन
आयें न आयें
अच्छी सी शुरुआत करें कुछ
नये साल में नया करें कुछ

दिल देखे दरिया भी देखीं
दरिया-दिल की दुनिया देखीं
दिल दिल्ली दल बल के आगे
हर दिल में झंकार भरें कुछ

जाति खाप के रगड़े छोड़ें
धर्मांतर के पचड़े छोड़ें
मन की बात सुनें, समझें भी
जन गण का उपकार करें कुछ

बीते कल क्या खोया पाया
किसको त्यागा क्या अपनाया
नयी सुबह की नयी किरण संग
अग जग का अँधियार हरें कुछ.
नये साल में नया करें कुछ

- अनिल वर्मा
२९ दिसंबर २०१४

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