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       अपनी पतंग

 
अपनी पतंग उड़ाओ
आसमान देखकर
संग साथ गुनगुनाओ
आसमान देखकर

जब भी उड़ाओ दूर तक
दिखती रहे पतंग
हाथों में नियंत्रण हो
चरखी हो संग संग
तिल ताड़ मत बनाओ
आसमान देखकर

थोड़ी सी ढील से ही
घूमेगी चारों ओर
फिर देखते ही यों ही
कट जाएगी ये डोर
अपनी पतंग उड़ाओ
आसमान देखकर

- कमलेश कुमार दीवान
१ फरवरी २०२१

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