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लल्लू जी की लाल पतंग

 
बातें करे हवा के संग
लल्लू जी की लाल पतंग

आसमान में लहर रही है
एक जगह न ठहर रही है
इधर भागती उधर भागती
खूब करे मस्ती हुड़दंग

हरी गुलाबी नीली काली
की इसने छुट्टी कर डाली
बीस पतंगें काट चुकी है
बड़ी बहादुर बड़ी दबंग

सभी पतंगों से सुंदर है
सबकी इस पर टिकी नजर है
ललचाता है सबको इसका
अति प्यारा मनमोहक रंग

- शादाब आलम
१ फरवरी २०२१

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