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imalaI hMisanaI ratoM

baaMca gaItgaaoivaMd naoh ka
tuma iktnao baaOrayao , , ,
tna kI Ct pr Jaro rat Bar
bahuAa gadrayao , , ,

ek baar Anauvaaidt kr dao
dohga`Mqa ko CMd
]icat AaOr Anauicat maoM ]zta
imaT jaae ifr WMW
vyaaoma barabar tRYNaa kI yao¸
Cagala irsa jaae , , ,

saMspSaao-M ko balkla phnao
imalaI hMisanaI ratoM
Aaja calaao cairtaqa- kroM hma
vaa%saayana kI baatoM
AMga AMga pr kamasamaIxaa
ifr sao ila@KI jaae

maaOna jahaM saMvaad baaolato
tma BaI lagata ]<ama
&ana AaOr vaOragya jahaM pr
hao jaato hOM Axama
yao naUtna iva&ana p`oma sao
naahk hI Drvaae

—]maaEaI

24 isatMbar 2006

थके नयन में सुबह
`
अब भी आँखों से
बतियाना अच्छा लगता है
हाथों में ले हाथ दबाना
अच्छा लगता है

अच्छा लगता है
कनखी से नज़रों का मिलना
नीले अधरों पर अड़हुल के
फूलों का खिलना
तेरा बल खाना
शर्माना अच्छा लगता है
सांसों का कुछ-कुछ गर्माना
अच्छा लगता है

अच्छा लगता है
दांतों से तिनके को टुंगना
तन से तन के छू जाने पर
सिहरन का उगना
समय पूछ कर
घड़ी मिलाना अच्छा लगता है
चुटकी, चुहल, चिकोटी,
ताना अच्छा लगता है

अच्छा लगता
बूझ पहेली जीवन की लेना
टूट रहे तन का दुख
अंगड़ाई से ढंक देना
थके नयन में
सुबह सजाना, अच्छा लगता है
स्मृतियों पर रंग चढ़ाना
अच्छा लगता है

--नचिकेता
1 जून 2007

 

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