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       इस दीवाली


इस दीवाली चाँद सितारों से घर द्वार सजा देना
एक दिठौना खुशियों के शुभ-चरणों पास लगा देना

चौराहे का मिटे अँधेरा अपना फर्ज़ निभा देना
आशा और विश्वास भरा तुम दीपक एक जला देना

अँधियारी मावस में जलकर धैर्य बनाए रखना तुम
दीपक का है नाम हौसला, सबको यही दिखा देना

दर्द किसी का कम कर पाओ बनके शिफ़ा तो अच्छा है
अगर दवा नहीं बन पाओ तो दिल से उसे दुआ देना

बात आए जब अपनों की तो हार-जीत का मोल कहाँ
खुद ही खुद को 'रीत' हराकर, खुद ही खुद को जिता देना

- परमजीत कौर 'रीत'
१ नवंबर २०२४
 

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