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किरणों पर इल्जाम लगे
 
कोहरे ने षड़यंत्र किया था
किरणों पर इल्ज़ाम लगे
धरती पर व्यवधान हुए जो
सब सूरज के नाम लगे

बरछी जैसी सर्द लहरियाँ
वेध रही हैं देह समूची
हाथ पाँव में सिहरन जकड़न
यातनाओं की लम्बी सूची

स्वेटर, शाल, पुआल, अंगीठी
रक्षा में नाकाम लगे
धरती पर व्यवधान हुए जो
सब सूरज के नाम लगे

वसुंधरा के तन पर फैला
धवल ओढ़नी जैसा पाला
मंद हुई रफ़्तार जगत की
दिनचर्या को जड़ कर डाला

गद्दे ऊपर गर्म रजाई
भीतर चारों धाम लगे
धरती पर व्यवधान हुए जो
सब सूरज के नाम लगे

लाचारी की गहन उदासी
उजियारे के मुँह पर दिखती
सहमी सहमी धूप धरा पर
सूरज की बेचैनी लिखती

लेकिन बाग़, नदी, पर्वत को
झूठे सब पैगाम लगे
धरती पर व्यवधान हुए जो
सब सूरज के नाम लगे

- संध्या सिंह
१२ जनवरी २०१५

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