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मकर संक्रांति का उत्सव
 
मकर संक्रांति का उत्सव देता
परिवर्तन का शुभ संदेश

आगे बढ़ता जाता सूरज
मकर राशि में प्रवेश करता
ठिठुर रहे नीरस जीवन को
एक नई ऊर्जा से भरता

प्रकृति रंग बदलने लगती
खिलने लगता है परिवेश

परिवर्तन की महिमा अनुपम
अटल नियम है कुदरत का
जीवन में काँति लाने हित
पथ अपनायें सेवा व्रत का

सुख वैभव की करें कामना
तज दें जीवन के सब क्लेश

नई योजना मन में लेकर
उसको मूर्त रूप देना है
अथक निरंतर इसी हेतु अब
निशिदिन सूरज सा चलना है

निशा निराशा का ना छोड़े
आसपास कोई अवशेष

एक पुरानी पृष्ठभूमि पर
कोई नया विचार पनपाएँ
नूतनता के आवरणों में
पहचानों की जगह बनायें

भूतल के जन जन तक पँहुचे
सम्यक क्रांति का संदेश

- सुरेन्द्रपाल वैद्य
१२ जनवरी २०१५

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