अंजुमनउपहार कविकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम
गौरवग्रंथ दोहेरचनाएँ भेजेंनई हवा पाठकनामा पुराने अंकसंकलन
हाइकु हास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतरसमस्यापूर्ति

 


तुम्हें नमन
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को समर्पित कविताओं का संकलन

 

भूल न जाना

बापू के कदमों पर चलकर
हमने स्वराज्य ये पाया
प्यारे बच्चों भूल न जाना
बापू का सरमाया।

कौन बड़ा है कौन है छोटा
भेद कभी मत करना
ऊँच-नीच की बातों से तुम,
दूर सदा ही रहना।
फूलों में होते हैं काँटे
याद हमेशा रखना
जो सोएगा वो खोएगा
जो जागा वह पाया
प्यारे बच्चों भूल न जाना
बापू का सरमाया।

सत्य-अहिंसा और प्रेम को
जीवन में अपनाना
तीनों बंदर बापू के क्या
कहते ध्यान लगाना।
देख बुरा ना बोल बुरा
बुरा कभी ना सुनना
अच्छे कामों का फल अच्छा
गीता ने ये गाया
प्यारे बच्चों भूल न जाना
बापू का सरमाया।

- श्रीमती शशि पाठक

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकविकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्रामगौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलनहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँ दिशांतरसमस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।