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         मेघों से क्या बात करें

 
 
मेघों से क्या बात करें हम
आओ उनसे एक बात कहें हम

कुछ मेघ हमारे भीतर है
जो उमड़ घुमड़ आते जाते
कुछ गरज चमक कर भरमाते
कुछ बूँद बूँद जल बरसाते
कैसे क्या जज़्बात भरें हम
मेघों से क्या बात करें हम

क्यों दूर ऊँचाई पर होते
क्यों पर्वत पर्वत लहराते
नदियाँ झीलें तालाब कुएँ
सब मेघों से ही पल पाते
कुछ पेड़ लगा सौगात भरें हम
मेघों से क्या बात करें हम

- कमलेश कुमार दीवान
१ अगस्त २०२५

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