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होली की शुभकामना
 
होली की शुभकामना आप करें स्वीकार
प्रेम रंग से है सना 'मंजू' यह संसार

छाए अब चहुँ ओर हैं फागुन के सब रंग
गोकुल बरसाना मिले छवियाँ करती दंग

भीगी राधा रंग में झूमा प्रेम गुलाल
मिलके मोहन गोपियाँ करते रंग धमाल

फागुन लाए रंग है खुशियाँ झूमे द्वार
महुआ मादक हो गया थिरक गई कचनार

भेद भाव को मेटता होली का त्यौहार
रंग फागुनी में घुले नेह एकता प्यार

होली की शुभकामना गुझिया पापड़ साथ
जश्न मनाता देश-भर लिये हाथ में हाथ

होली के नव रंग ले आयी जग में भोर
भेदभाव को भूल के बाँध प्रीत की डोर
.
- डॉ मंजु गुप्ता 
१ मार्च २०२६

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