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       श्रीकृष्ण के जन्म दिवस पर

 
कुमकुम-चावल दीप सजाए
द्वारे बंदनवार
ढोल-मँजीरे बाजा बाजे
गूँजे जय-जयकार
श्रीकृष्ण के जन्म दिवस पर
गीत-मंगलाचार

नंद भवन में खेल रहे हैं
नटखट नंदकुमार
लाड़-लुटाते नंद-यशोदा
बरसे करुणा धार
किलकारी से गूँज उठे फिर
घर-आँगन औ’ द्वार

मटकी फोड़ी,छींका तोड़ा
मचा रहे हुड़दंग
ग्वाल-बाल सब मिलकर लूटें
माखन कान्हा संग
नंद-यशोदा छिप-छिप देखें
नटखट का व्यवहार

मोरपंख सिर पर लहराए
अधर सजे मुसकान
पीताम्बर की छटा निराली
मोहन की पहचान
मोह रहे हैं सबके मन को
श्यामल रूप-सिंगार

मुरली के सुर-तान छेड़कर
कान्हा रचते रास
मधुबन में सुर ऐसे बिखरे
जैसे फूल सुवास
सुध-बुध भूली राधा रानी
सुनकर मधुर गुँजार

श्याम रंग में रँगी राधिका
राधा में घनश्याम
दो नामों में इक ही धड़कन
एक प्रेम का धाम
अमर भई ये प्रेम कहानी
गाए सब संसार

- पारुल तोमर
१ सितंबर २०२६

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