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सूरज ने फिर मोड़ दिये
 
मकर संक्रांति आई लेकर
खुशियों की बारात
रंग बिरंगी करें पतंगें
आज हवा से बात

तिल के लड्डू और जलेबी
घेवर की भरमार
बिना गजक के बोलो कैसे
हो पूरा त्यौहार

मूँगफली के संग रेवड़ी
की पायें सौगात

ऊँची ऊँची उड़ें पतंगें
माँझा भी है तेज
आसमान रंगीन हुआ है
ये मौसम रँगरेज

दाँव-पेंच लड़ जाएँ तो फिर
कोई खाता मात

सूरज धनु से मकर राशि में
आज हुआ गतिमान
लोग कई करते हैं गंगा-
यमुना जल में स्नान

वैदिक-रीति दान-धर्मों का
बतलाती अनुपात

ढोल नगाड़े ताशे बजते
सब गाते यश गान
ठंडी ठंडी हवा छेड़ती
आज सुरीली तान

दिन होंगे अब बड़े बड़े से
छोटी होगी रात

- रमा प्रवीर वर्मा
१५ जनवरी २०१७

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