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त्यौहार मनाएँगे
 
भीषण सर्दी से अब हम
छुटकारा पाएँगे
हम सब मिल-जुल कर पावन
त्यौहार मनाएँगे

सूर्य उत्तरायण आये हैं
झट से सर्दी भागे
माँ की ठिठुरी हुई अंगुली
कुछ तो राहत माँगे

मफलर और दस्ताने अब
बक्से में जायेंगे

घर में अम्मा बना रही हैं
तिल-गुड़ वाले लड्डू
ध्यान बँटा के थाली से ले
सरपट भागा गुड्डू

मुन्नी-भैया हम सब मिल-
जुल करके खाएँगे

आसमान में लगती जैसे
खिली हुई फुलवारी
रंग बिरंगी उड़ें पतंगें
लगतीं कितनी प्यारी

उनके संग हम दूर गगन तक
हो के आएँगे

- डॉ. रश्मि कुलश्रेष्ठ
१५ जनवरी २०१७

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