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हँसी

हँसी कई तरह की होती है
फीकी हँसी मीठी हँसी
पैनी हँसी, तीखी हँसी
कोई दांत निकालकर हँसा
कोई दांत दबाकार हँसा
कोई खींसे निपोरकर हँसा
कोई भौवें सिकुड़कर हँसा
मतलब केवल हँसने से है
सबसे खतरनाक होती है
व्यंग्य की हँसी क्योंकि
वह सामने वाले को
धराशायी करती है
होठों ही होठ में वार करती है

८ जून २००३

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