अंजुमनउपहारकाव्य संगमगीतगौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहे पुराने अंक संकलनअभिव्यक्ति कुण्डलियाहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतर

AnauBaUit maoM jayaa pazk kI rcanaaeM—

kivataAaoM maoM
mahaimalana
maorI baat
maorI saaQa

saMklana maoM—
idyao jalaaAao–ho maanasa ko rama
       tumhoM dUMgaI dIvaalaI
              dIp tuma jalato rhnaa




maorI baat

kBaI kBaI saaocatI hUM
ik tuma
jaao yao hmaoSaa
maorI baataoM ka
ek BaaOitk laxya
maoro SabdaoM kI
ek naSvar sqaUla doh
Kaojanao lagato hao
]sasao maoro kho ka Aqa-
iksa kdr badla jaata haogaa , , ,
@yaaoMik maorI baataoM kI
kao[- doh tao dUr
[naka tao kao[- rMga tk nahI , , ,
hO tao kovala ek KuSabaU
ijasao tuma caah kr BaI
mau{I maoM kOd nahIM kr sakto , , ,
 

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter