अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में परमेश्वर फुँकवाल की रचनाएँ—

नयी रचनाओं में-
खोज
बेटी की साइकिल
महक
रंग
शो छूटने की घंटी तक

छोटी कविताओं में-
सत्य- तीन रेखा चित्र

छंदमुक्त में-
अंत
आरंभ
उद्भव
उल्टी गिनती
विरासत
विस्तार


 

 

 

अंत

जब अंत निकट होगा
चुकने लगेंगे शब्द
खोखले हो जायेंगे अर्थ
और हाथों से फिसलने लगेगी
कविता

रिश्ता लौट जायेगा
प्यासा
मन को खटखटा कर
आँख रो नहीं पायेगी
खड़े होकर भी दुःख के
अनंत झरने के नीचे

शिशु खिलखिलाना
छोड़ देगा
माँ के आँचल में लिपट कर भी

जब अंत निकट होगा
विवशताएँ पसरी होंगी
हमारे ह्रदय के आस पास
और हम बोल नहीं पाएँगे
प्रेम के ढाई अक्षर

बहुत कोशिशों के बावजूद
हम पहचान नहीं पाएँगे
नाख़ून में छुपे दैत्य
और पेड़ की कोंपल में छुपे
ईश्वर को

तब अंत निकट होगा

२८ जनवरी २०१३

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter