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शमशेर बहादुर सिंह

जन्म : १३ जनवरी, १९११को देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा भी वहीं। बाद की शिक्षा गोंडा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में। १९३५-३६ में उकील बंधुओं से कला प्रशिक्षण।

कार्यक्षेत्र : 'रूपाभ', इलाहाबाद में कार्यालय सहायक (१९३९), 'कहानी' में त्रिलोचन के साथ (१९४०), 'नयाँ साहित्य', बंबई में कम्यून में रहते हुए(१९४६, मायाँ में सहायक संपादक(१९४८-५४), नयाँ पथ और मनोहर कहानियाँ में संपादन सहयोग। दिल्ली विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान की एक महत्वपूर्ण परियोजना 'उर्दू हिन्दी कोश' का संपादन (१९६५-७७),प्रेमचंद सृजनपीठ, विक्रम विश्वविद्यालय के अध्यक्ष (१९८१-८५)

महत्वपूर्ण कृतियाँ
कुछ कविताएं(१९५९), कुछ और कविताएं(१९६१), चुका भी नहीं हूं मैं(१९७५, इतने पास अपने(१९८०), उदिता - अभिव्यक्ति का संघर्ष(१९८०), बात बोलेगी(१९८१), काल तुझसे होड़ है मेरी (१९८८)।
१९७७ में 'चुका भी हूँ नहीं मैं' के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित।

 

अनुभूति में शमशेर बहादुर सिंह की रचनाएँ-

अजुमन में-
क्यों बाकी है
राह तो एक थी

कविताओं में-
गीली मुलायम लटें
चाँद से बातें
चुका भी हूँ मैं नहीं
दूब
धूप कोठरी के आईने में
प्रेम
सूर्योदय

 

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