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अमरनाथ श्रीवास्तव
इलाहाबाद के अमरनाथ श्रीवास्तव
पिछले चार
दशकों से हिंदी गीतों की दुनिया के सशक्त हस्ताक्षर बने हुए हैं।
आपके तीन गीत संग्रह प्रकाशित हुए हैं तथा उत्तर प्रदेश हिन्दी
संस्थान का द्वारा आपको 'निराला' नामित पुरस्कार से सम्मानित किया
गया है। आपके गीत भारत की लगभग सभी साहित्यिक पत्रिकाओं
तथा आकाशवाणी व दूरदर्शन के कार्यक्रमों में भी शामिल हुए हैं।
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अनुभूति में
अमरनाथ श्रीवास्तव की
रचनाएँ- नए गीत
अनुपस्थिति मेरी
जहाँ आँखों में रहा
प्यादे से
वज़ीर
फाँस जो छूती
रगों को
मैं
बहुत खुश हूँ
गीतों में-
पुण्य फलीभूत हुआ
लोग खड़े हैं इंतज़ार में
सारी रैन जागते बीती
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