अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM gagana gauPta 'snaoh' kI rcanaaeM—

ABaagaa
kiva kBaI mara nahIM krta
QauMQalao sapnao
ip`yaa
ifr janma laUMgaa

 

 

  ifr janma laMUgaa

maOM ifr janma laMUgaa
@yaa huAa jaao Aaja
jamaanao nao mauJao hra idyaa
@yaa huAa Agar Aaja
maoro Apnao mauJao QaaoKa do gae
maOM ifr janma laMUgaa
Apnao sapnaaoM kao pUra krnao
ba`*maa nao tao saRiYT banaa[- hO
]samaoM sao mauJao ApnaI maMija,la panaI hO
ABaI Zor–saa kama baakI hO
ABaI tao bahut sao iklao jaItnao hO
mauJao [sa saRiYT ka ZaMcaa badlanaa hO
mauJao [sa jamaanao kao badlanaa hO
maOM ifr janma laMUgaa , , ,,

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।