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मेरा भारत 
 विश्वजाल पर देश-भक्ति की कविताओं का संकलन 

 
 
भारत के वीर
 

इस मिट्टी की आन बचाने, जाने कितने हुए शहीद !
भूल गए हम वो कुरबानी, पश्चिम के फिर बने मुरीद !!

सोये कहाँ आज मतवाले , छिपे कहाँ पर सारे वीर !
घाव लगे छाती पर माँ की, कौन हरेगा इनकी पीर !!

आज भला क्यों भारत अपना, बैठा किस्मत को है रोय !
दाँव लगा ईमान धरम को, मर्यादा इसने दी खोय !!

होती गरिमा निज माटी की, कितनी पावन कितनी ख़ास !
माथे पर तुम तिलक लगा लो, होगा स्वर्ग तुल्य आभास !!

भारत-भूमि सदा रखती है, हर भारतवासी का मान !
कहाँ गये वे बेटे जिनकी, कथनी करनी एक समान !!

छोड़ो कोरी बातें करना, हाथों में ले लो हथियार !
अपना अपना हुनर दिखा दो, कलम उठाओ या तलवार !

- निशा कोठारी
११ अगस्त २०१४


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