मेरा भारत


विश्वजाल पर देशभक्ति की कविताओं का सुंदर संकलन

 

अनुक्रम

१५ अगस्त १९४७ गिरिजाकुमार माथुर  
१५ अगस्त १९४७ सुमित्रानंदन पंत  
आग बहुत सी बाकी है अभिनव शुक्ल  
आज तिरंगा फहराता है शान से सजीवन मयंक  

आज़ादी का गीत

हरिवंशराय बच्चन

 
आज़ादी की अर्धशती डॉ. जगदीश व्योम  
आदमी का गीत शील  
अरुण यह मधुमय देश हमारा

जयशंकर प्रसाद

 

आज क्रांति फिर लाना है

डॉ. विजय तिवारी किसलय

 
१० उठो सोने वालों

वंशीधर शुक्ल

 
११ उठो धरा के अमर सपूतों द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी  
१२ ऐ मातृभूमि तेरी जय हो रामप्रसाद बिस्मिल  
१३ ऐ मेरे प्यारे वतन

प्रेम धवन

 
१४ ऐ मेरे वतन के लोगों

प्रदीप

१५

ऐ इन्सानों ओस न चाटो

गजानन माधव मुक्तिबोध

 
१६ ऐसा हिंदुस्तान बनाएँ रामसनेहीलाल शर्मा यायावर  
१७ घाटी मेरे देश की नीरज पांडेय  
१८ चल मरदाने हरिवंश राय बच्चन  
१९ जय जन भारत सुमित्रानंदन पंत  
२० जय जयति भारत भारती पं नरेंद्र शर्मा  
२१ जय तिरंग ध्वज रमेश कौशिक  
२२ जहाँ डाल डाल पर

राजेंद्र किशन

 
२३ झंडा ऊँचा रहे हमारा

श्यामलाल गुप्त पार्षद

 
२४ तिरंगा कविता वाचक्नवी  
२५ तिरंगा राजेश चेतन  
२६ तिरंगा गीत सुनील जोगी  
२७ तिरंगा सबसे ऊँचा रहे राममूर्ति सिंह अधीर  
२८ तुझे कुछ और भी दूँ रामावतार त्यागी  
५२

देश का प्रहरी

मेधराज मुकुल

 
२९ देशभक्तों नमन

महेश मूलचंदानी

 
३० देश मेरा प्यारा

अभिरंजन कुमार

 
३१ ध्वजा वंदना रामधारी सिंह दिनकर    
३२ धन्य भारतीय संस्कृति शरद आलोक  
३३ नमामि मातु भारती गोपाल प्रसाद व्यास  
३४ प्यारा हिंदुस्तान है डॉ. गणेशदत्त सारस्वत  
३५ पंचतात्विक राष्ट्र-वंदना सोम ठाकुर  
३६

पंद्रह अगस्त की पुकार

अटल बिहारी वाजपेयी

 
३७ प्रयाण गीत

द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी

 
३८

प्रशस्ति गीत

स्नेहलता स्नेह

 
३९ भारत गीत

श्रीधर पाठक

 
४० भारत तुझको नमस्कार है अशोक कुमार वशिष्ट  
४१ भारतमाता का जयगान ऋषभ देव शर्मा  
४२ भारत माता वंदना नवीन कुमार गुप्ता  
४३ भारत मेरा महान आकुल  
४४ भारती वंदना

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

 
४५ भारतवर्ष

सोहनलाल द्विवेदी

 
४६ भारत हमको जान से प्यारा है

पी. के. मिश्रा

४७

भारतीय तिरंगे का गीत

कमलेश कुमार दीवान

 
४८ भुवन क्या कहेगा

डॉ. इसाक अश्क

 
४९ माटी चंदन है

सजीवन मयंक

 
५० मातृभूमि जय हे प्रो. हरिशंकर आदेश  
५१ मातृ भू शत शत बार प्रणाम

भगवती चरण वर्मा

 
५३ मेरे देश की धरती

गुलशन बावरा

 
५४

मैं और तू दो तो नहीं

श्याम सिंह शशि

 
५५ यह दिया बुझे नहीं गोपाल सिंह नेपाली  
५६ यह देश हमारा है श्रीकृष्ण सरल
५७

यह हिंदुस्तान है

डॉ. गोपाल बाबू शर्मा
५८ याद करो विकास परिहार  
५९ ये देश हमारा चंद्रसेन विराट  
६० राष्ट्र के शृंगार श्रीकृष्ण सरल  
६१ राष्ट्रगान

रवींद्रनाथ ठाकुर

 
६२ राष्ट्र देवता सोम ठाकुर  
६३ राष्ट्रीय पताका नमो नमः श्यामलाल गुप्त पार्षद  
६४ वंदन मेरे देश चंद्रसेन विराट  
६५ वंदे मातरम

बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय

 
६६ वह आग न जलने देना

रमानाथ अवस्थी

६७

वह देश कौन सा है

रामनरेश त्रिपाठी

 
६८ विजय मिली विश्राम न समझो बलवीर सिंह रंग  
६९ सारा देश हमारा बालकवि बैरागी  
७० सारे जहाँ से अच्छा

मुहम्मद इकबाल

 
७१

हम होंगे कामयाब

गिरिजाकुमार माथुर

 
७२ हिंदी हिंदू हिंदुस्तान अशोक वशिष्ठ  
                          इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter