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मेरा भारत 
 विश्वजाल पर देश-भक्ति की कविताओं का संकलन 

 
 
चंद्रशेखर आजाद के प्रति
 
१.
चन्द्रशेखर वीरता का, दूसरा पर्याय है
हिन्द के इतिहास में इस, वीर का अध्याय है
तन लुटाया, मन लुटाया, हो गया बलिदान ये
बन गया निज राष्ट्र का यश, गर्व अतिअभिमान ये।

२.
जो प्रतिज्ञा कर गया, वो पूर्ण ये करता रहा
चन्द्र के हुंकार को सुन, ब्रिटिश दल डरता रहा
हाथ न आएगा जीवित, पूर्ण ये प्रण कर गया
स्वयं को ही मार गोली, पार्क में ये मर गया।

-सुरेश कुमार 'सौरभ'
११ अगस्त २०१४

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