अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

मेरा भारत
 विश्वजाल पर देश-भक्ति की कविताओं का संकलन

तिरंगा गीत

चाँद, सूरज-सा तिरंगा
प्रेम की गंगा तिरंगा
विश्व में न्यारा तिरंगा
जान से प्यारा तिरंगा
सारे हिंदुस्तान की
बलिदान-गाथा गाएगा
ये तिरंगा आसमाँ पर
शान से लहराएगा।

शौर्य केसरिया हमारा
चक्र है गति का सितारा
श्वेत सब रंगों में प्यारा
शांति का करता इशारा
ये हरा, खुशियों भरा है
सोना उपजाती धरा है
हर धरम, हर जाति के
गुलशन को ये महकाएगा।

ये है आज़ादी का परचम
इसमें छह ऋतुओं के मौसम
इसकी रक्षा में लगे हम
इसका स्वर है वंदेमातरम
साथ हो सबके तिरंगा
हाथ हो सबके तिरंगा
ये तिरंगा सारी दुनिया
में उजाला लाएगा।

- सुनील जोगी

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter