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दीप धरो
वर्ष २०१० का दीपावली संकलन

जागृत किया प्रकाश

मंगल दीपों से रहे, उज्ज्वल घर-परिवेश
लक्ष्मी का हो आगमन, रक्षा करें गणेश

पुष्प, बताशे, आचमन, रोली, अक्षत, खील
सतरंगी चूनर पहन, नाची मन-कंदील

शब्द-सृजन से लेखनी, किंचित रहे विपन्न
माँ वाणी के साथ ही, लक्ष्मी रहे प्रसन्न

सुख, सुविधा, संपन्नता, का है मंत्र अचूक
लक्ष्मी के स्थान पर, पूजें प्रथम उलूक

दीप-दीप को दीप से, जागृत किया प्रकाश
अंतर का तम छाँटने, आ पाते तुम काश

--दिनेश रस्तोगी

१ नवंबर २०१०

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