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अनुभूति में वीनस केसरी की रचनाएँ-

अंजुमन में-
क्या मिला है
दीवानों सी बातें
रात गर हूँ
हर समंदर
हम न पूछेंगे

 

रात गर हूँ

रात गर हूँ,
फिर सहर हूँ

हसरतों की,
रहगुज़र हूँ

मैं ही तेरा,
मुन्तज़र हूँ 

सच कहा था,
दर -ब- दर हूँ

संग वालों,
फल शज़र हूँ

खुल के कह-सुन,
मोतबर हूँ

खुद में उलझा,
राहबर हूँ

२ मई २०११

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