अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में सुदर्शन वशिष्ठ की रचनाएँ-

छंदमुक्त में-
चिड़िया की भाषा
परिंदे
बाँसुरी वादक
बिटिया के जन्म पर
भोज वृक्ष
 

 

बिटिया के जन्म पर

चलो, कोई बात नहीं
प्रारब्ध में जो है, मिलेगा
कहा सबने

उदास हुए सबके चेहरे
नर्सें गुमसुम
लौटा दिए लड्डू
दोस्तों ने नहीं माँगी पार्टी
पुरोहित ने नहीं पूछा टाईम।

पूछा महिला डाक्टर ने
पीड़ा में जन्म देने के बाद
कोख टटोलते हुए
क्या पहला इश्यू है...!
डोंट वरी।

२ फरवरी २०१५

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter