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दुर्गा वंदना
प्यार का नाता
प्रवासी गीत
यादगारों के साये

संकलन में-
सौ सर्वश्रेष्ठ प्रेम कविताएँ- प्यार का नाता हमारा

 

प्यार का नाता

ज़िन्दगी के मोड़ पर यह प्यार का नाता हमारा।
राह की वीरानियों को मिल गया आखिर सहारा।

ज्योत्सना सी स्निग्ध सुन्दर, तुम गगन की तारिका सी।
पुष्पिकाओं से सजी, मधुमास की अभिसारिका सी।

रूप की साकार छवि, माधुर्य्य की स्वच्छन्द धारा।
प्यार का नाता हमारा, प्यार का नाता हमारा।

मैं तुम्ही को खोजता हूँ, चाँद की परछाइयों में।
बाट तकता हूँ तुम्हारी, रात की तनहाइयों में।

आज मेरी कामनाओं ने तुम्हे कितना पुकारा।
प्यार का नाता हमारा, प्यार का नाता हमारा।

दूर हो तुम किन्तु फिर भी दीपिका हो ज्योति मेरी।
प्रेरणा हो शक्ति हो तुम, प्रीति की अनुभूति मेरी।

गुनगुना लो प्यार से, यह गीत मेरा है तुम्हारा।
प्यार का नाता हमारा, प्यार का नाता हमारा।

१ अक्तूबर २०१२

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