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हरबंस सिंह अक्स

३ अप्रेल १९४० को अविभाजित पंजाब के शहर फिरोजपुर केंट में जन्म, हिन्दी उर्दू की सभी प्रमुख पत्रिकाओं और अखबारों में ग़ज़लें, दोहे, गीत छप चुके हैं, एक शायरी की किताब 'सन्नाटे में दस्तक' देवनागरी में २००२ में आई, उसी साल राजस्थान उर्दू अकादमी द्वारा चाँद बिहारी सबा अवार्ड, पेशे से इतिहास के प्रोफ़ेसर रहे इन दिनों एक कॉलेज के प्रिंसिपल हैं, शायरी की दूसरी किताब जल्द आने वाली है।

 

अनुभूति में हरबंस सिंह अक्स की रचनाएँ-

अंजुमन में-
इश्क में फूल
चार क़तआत
देखने वालों
देखते ही देखते
बुतकदे में
 

 

 

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