अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में डा. हरीश सम्यक की रचनाएँ-

छोटी कविताओं में-
चार छोटी कविताएँ

नयी रचनाओं में-
आनंद की अनुभूति
खुली छत पर
दोपहर
फूल तोड़ने से पहले
समय का आकर्षण

छंदमुक्त में-
आज भी
मैं की जिद
वादों के झगड़े
सड़क पर
सुबह का चेहरा

 

दोपहर

दोपहर दो बजे का समय
तापमान ४४ डिग्री
सड़क पर जैसे
तारकोल
पिघल ही जायेगी
एक तरफ किसी मंत्री के
शहर में आने के
बड़े बड़े स्वागत पोस्टर चिपके हैं
दूसरी तरफ लगभग चार महीने से
वेतन न मिलने वाले कर्मचारी
कर्ज माफ़ करवाने और
मजदूरी बढ़ाने की माँग करते हुए
धरना दे रहे
गरीब किसान और मजदूर
हालात और तापमान
जाने कब ठीक हो
पर बारिश की तलब
हर लब पर बनी हुई है।

१ नवंबर २०१६

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter