अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM puYpa Baaga-va  kI rcanaaeM —

AÉNa
tulasaI
inaJa-r p`aNa
mana
hvaa AaOr panaI 
ihmapat

saMklana maoM
jyaaoitpva-–dIpaoM kI maalaa
nayaa saala–nayaa vaYa-
haolaI hO–haolaI³3´

 

tulasaI

tulasaI hulasaI saut maanasa maoM
tuma kaOna sauQaa rsa Cana BarI
eih kI Qauina naaih rhI Gar laaoM
vah AsaIma–sasaIma maoM gaMUja prI
naBa to p`kToM hir pahna maoM
jaga kI maga–ivapda Aana hrI
jaba to tulasaI rica rama–kqaa
basa rama hI rama pukar ]zI

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।