अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


ranaI pai~k

   

janma – 1962 [laahabaad¸ Baart maoM.

iSaxaa – [laahabaad ivaSvaivaValaya sao saMgaIt maoM snaatkao%tr ]paiQa¸ ivaSvaivaValaya maoM dUsaro sqaana ko saaqa.

kaya-xao~ – saMgaIt saaih%ya va AiBanaya maoM Éica. AakaSavaaNaI¸ dUrdSa-na va maMca pr saiËya BaagaIdarI. 1990 sao yaU esa e p`vaasa. dao CaoTo baoTaoM ko saaqa pit va pirvaar maoM vyast.

 

AnauBaUit maoM ranaI pai~k kI 
rcanaaeM —

kivataAaoM maoM
tuma sao p`oirt

saMklana maoM
p`oma gaIt–jaba BaI
jyaaoitpva-–jalato rhao tuma dIp maoro

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।