अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM roKa rajavaMSaI kI rcanaaeM —

kivataAaoM maoM—
kMgaaÉAaoM ko doSa sao
ZUMZ rhI hUM caMdna
badlaava
saMdUk

hasya vyaMgya maoM—
daostI
raokao mat
laxmaI

xaiNakaAaoM maoM—
saMgait
kO@Tsa 

 

dao xaiNakaeM

1 saMgait

Aba maoro baaga kI
@yaarI ko gaulaaba ko
phlao jaao kBaI na cauBao
vaao ka^MTo cauBanao lagao hOM
@yaaoMik ]sako Aasa pasa
kO@Tsa ]ganao lagao hO.

2 kO@Tsa

maorI @yaarI maoM lagao kO@Tsa
maoro SarIr maoM ]ga Aae hOM
vaao kO@Tsa ijanhoM tumanao baaoyaa qaa
fUlaao kI saM&a dokr.
maOM
fUlaao ko iKlanao kI p`tIxaa maoM
doKtI rhI
idna rat, saubah Saama
[sako fOlato hue kaMTo
AaOr jaanao kba
svayaM kO@Tsa hao ga[-.

1 ma[- 2006

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।