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अनुभूति में रेखा राजवंशी की रचनाएँ —

नई रचनाओं में-
अपनों की याद
दर्द के पैबंद
पिता
माँ दो कविताएँ
वक्त के पैबंद

छंदमुक्त में—
कंगारुओं के देश से
जिंदगी छलने लगी
ढूँढ रही हूँ चंदन
दोस्ती
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बदलाव
भाई को चिट्ठी
विदेश में भारत
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संदूक

छोटी कविताओं में—
संगति
कैक्टस
रोको मत
लक्ष्मी

 

raokao mat

isaDnaI ik/koT ga`a]MD maoM
pzana kI baala pr
hoDna nao SaaT lagaayaa
tao saara [MiDyana k/a]D icallaayaa
raokao… … mat jaanao dao
pr caaO@ko AaOr C@ko lagato rho
@yaaoMik BaartIya fIlDsa- 
samaJato rho
raokao mat… … jaanao dao.

1 ma[- 2006

 

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