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कुमार गौरव अजितेन्दु

जन्म- ७ जुलाई, १९८५ को पटना (बिहार) में।
शिक्षा- स्नातक

कार्यक्षेत्र -
स्वतंत्र लेखन, साहित्य पढ़ने-लिखने एवं पारंपरिक छंदों में रुचि।

प्रकाशित कृतियाँ-
अंतरजाल के कई जाल स्थलों पर नियमित रूप से लेखन के अलावा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं। ‘अनुभूति’ पर मेरी प्रथम रचना "अमृत तेरा नीर है (हरिगीतिका)" शीर्षक से "गंगा विशेषांक" में प्रकाशित हो चुकी है।

ई मेल- hindustanisher430@gmail.com

 

अनुभूति में कुमार गौरव अजितेन्दु की रचनाएँ-

गीतों में-
उपवन बस कुछ दूरी पर है
जमींदार सी ठंड खड़ी है
दुनिया में सैयाद बहुत हैं
पंख अभी तक उग ना पाये
रीतापन भी नित लाता है

दोहों में-
नेताजी के दाँव

विशेषांक में-
गंगा- अमृत तेरा नीर है (दोहा और हरिगीतिका)

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

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