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डॉ. मोहन अवस्थी

२० जनवरी १९२९ को उ प्र के फर्रूख़ाबाद जिले में जन्मे डा अवस्थी ने कर्मभूमि इलाहाबाद को चुना । इलाहाबाद की एम ए (हिन्दी) परीक्षा आपने प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान के साथ उत्तीर्ण की, डी फिल तथा डी लिट की उपाधियां प्राप्त की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवक्ता के पद पर कार्य प्रारंभ किया। अनेक वर्षो तक विभागाध्यक्ष के पद पर रहने के बाद सम्प्रति स्वतंत्र लेखन में संलग्न।

प्रथम काव्य पुस्तक `महारथी' १९५३ में प्रकाशित हुई और नवीनतम `टेम्पो हाई है'  २००० में। लगभग ५० वर्ष के इस साहित्यिक सफ़र में आपने दस काव्य और सात गद्य पुस्तकों की रचना की तथा छह सुप्रसिद्ध पुस्तकों का सम्पादन किया। आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि है हिन्दी कविता में अनुगीत का प्रवर्तन। `हलचल के पंख' शीर्षक से एक पूरी अनुगीतों की ही पुस्तक १९९५ में आई।

 

अनुभूति में डॉ. मोहन अवस्थी की अन्य रचनाएँ-

शहीदों के प्रति
बदलूँ किसे मैं (अनुगीत)
हुआ क्या रात भर (अनुगीत)

 

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