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क्षेत्रपाल शर्मा

जन्म- अलीगढ़ (उत्‍तर प्रदेश) जनपद के गाँव पला (एसी) में ५ सितंबर १९५० को जन्‍म। 

 

कार्यक्षेत्र- एम.ए. (अँग्रेज़ी) तक शिक्षा, नागपुर विश्वविद्यालय से । अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय के भी छात्र रहे। ग्रामीण अंचल से लगाव। एक संग्रह ‘झरोखे’ प्रकाशित। कवि एवं अनुवादक। दैनिक समाचार पत्र से सहायक संपादक के रूप में नौकरी प्रारंभ।

 

संप्रति- २६ वर्षों से सहायक निदेशक (राजभाषा) एक केंद्रीय सरकारी संगठन में हैं। राष्‍ट्रीय बचत संगठन एवं भारतीय वायु सेना में भी नौकरी कर चुके हैं। देश के समाचारपत्रों/ पत्रिकाओं में शैक्षिक एवं साहित्यिक लेखन। आकाशवाणी मद्रास, पुणे, कोलकाता से कई आलेख प्रसारित।

 

ईमेल- kpsharma05@yahoo.co.in

 

अनुभूति में क्षेत्रपाल शर्मा की रचनाएँ-

नए गीतों में-
गीत सुलह का गाया जाए
जब भी बही हवा पुरवाई
साँझ सकारे
हँसी तुम्हारी चंदा जैसी

गीतों में-
कुछ आगजनी कुछ राहजनी
तेरी याद जनम भर आए
पहलेवाली बात नहीं है
बदल जाए मौसम

संकलन में-
हरसिंगार- डाल फिर बहुरि गई हरसिंगार की

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