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महेश अनघ

 (१४ सितम्बर १९४७ - ४ दिसंबर २०१२)

जन्म- १४ सितंबर १९४७ को उमरी, ज़िला गुना, मध्य प्रदेश, भारत में।

शिक्षा- एम० ए० संस्कृत, साहित्यरत्न।

प्रकाशित कृतियाँ-
प्रमुख कृतियाँ-
गीत संग्रह- झनन झकास, कनबतियाँ
गजल संग्रह- घर का पता
उपन्यास- महुअर की प्यास,
कहानी संग्रह- जोग लिखी

संपादन- गीतायन (मासिक), पृथ्वी और पर्यावरण (त्रैमासिक)

महालेखाकार कार्यालय से सेवा निवृत्त

 

अनुभूति में महेश अनघ की रचनाएँ-

नई रचनाओं में-
अहा बुद्धिमानों की बस्ती
इति नहीं होती
कुछ न मिला
कौन है
गुस्सा कर भौजी
जब जब मेरी विश्वविजय
तप कर के हम
थोड़ी अनबन और उदासी
नहीं नहीं, भूकंप नहीं है
मुहरबंद हैं गीत
मैराथन में है भविष्य
शब्द शर वाले धनुर्धर
शब्दों में सतयुग की खुशबू
स्वर्णमृग लेने गए थे

गीतों में-
चैक पर लिख दूँ रकम
पत्थर दिल दुनिया
बटवारा कर दो ठाकुर
मची हुई सब ओर खननखन
मूर्तिवाला

हम भी भूखे

संकलन में-
वर्षा मंगल- मेह क्या बरसा

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