अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
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AnauBaUit maoM Aca-naa hirt kI rcanaaeM

nayaI kivataAaoM maoM
caah
tD,p
lao calaao mauJao maoro saaqaI

kivataAaoM maoM
Amar p`oma
ija,ndga,I
Qau`va tara

saMklana maoM
mamatamayaI–maaM ko ilayao

 

 


 

 

 

Qa`uva tara

@yaa hO jaao mauJa maoM AtRPt hO
k[- baar Kud kao ivaSlaoSaNa kr doKa
saba tao hO jaao maOMnao caaha
ifr yah AaSaa AakaMxaa @yaaoM
@yaaoM ixaitja ko par ka tara
mauJao lagata hO [tnaa Pyaara
caaMd kI AaSaa nahIM haotI kBaI
basa doKtI hMU caahtI hMU
hao maora Apnaa ek Qa`uva tara
doK kr ijasakao maorI klpnaa kao
imalato rho ]D,nao ko pMK
hr rat maoM [saI AaSaa maoM
AakaSa pr ZMUZtI hMU
camakto hOM bahut sao isataro
caaMd BaI dota Aavaaja mauJakao
magar badlaI maoM Cupa rhta
khIM maora vah Apnaa Qa`uva tara , , , , 
Kola hO ]saka iktnaa Pyaara
pla Bar idK kr mauJakao
do jaata Anaiganat sapnaaoM kI maalaa
hO mauJakao ivaSvaasa ]sapr
camakta hO basa jaao maoro ilayao
khIM maora vah Apnaa Qa`uva tara , , , 
Kaoja maoM ]sakI maorI AaMKaoM nao
jalaa ilayaa hO mana maoM ek dIp
jaIvana kI }McaI naIMcaI rahaoM pr
idKata rho vah rah mauJakao
camakata maorI klpnaa ka AaQaar
khIM maora vah Apnaa Qa`uva tara , , , , , 

 

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