अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM saaOrBa Aaya- kI rcanaaeM

Kola rajanaIit ka
@yaaoM laaeM badlaava hma
maOM ilaKUMgaa
maorI p`yaaogaSaalaa
AaMsaU jaao hOM saUK gae
calao hOM hma
haolaI

 

 

AaMsaU jaao hO saUK gae ,,,

ek idna
jaba yaad AapkI Aa[-
tao jaI Bar raoyaa
Agalao idna qaa
maaOsama badla gayaa
tba daostao ko saaqa Kolaa BaI
AaOr jaaorao sao hMsaa BaI

idna nahI badlato
iksaI ko jaanao sao
saca tao hO yao hI
pr jaba BaI doKta hUM
Kud kao Aa[nao mao
tao idKto hO
vao AaMsaU jaao hO saUK gae

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।