प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित
 
पत्र व्यवहार का पता

अभिव्यक्ति  

१. ३. २०१०

अंजुमन । उपहार । काव्य संगम । गीत । गौरव ग्राम । गौरवग्रंथ । दोहे । पुराने अंक । संकलन । हाइकु
अभिव्यक्ति । हास्य व्यंग्य । क्षणिकाएँ । दिशांतर । नवगीत की पाठशाला

1
चंदन गंध बिखेरे कोई
1

 

चंदन -गंध- बिखेरे- कोई
केसर रंग उड़ेले कोई
डार-डार
पे यौवन छाया
कैसे रहे अकेले कोई ?

रूप वासंती हुआ धरा का
सरसों ओढ़े चुनरी पीत
डोल रही गेहूँ की बाली
भँवरे ढूँढ़ रहे मनमीत
छलक रही
सुषमा की गगरी
जी भर जितना ले ले कोई
कैसे रहे अकेले कोई ?

स्वर्ण पिटारी बाँध के लाई
अँग-अँग सँवारे धूप
किरणों ने झाँझर पहनाई
सोन परी सा सोहे रूप
दर्पण से
अब पूछे धरती
कैसे विरह झेले कोई ?
कैसे रहे अकेले कोई ?

ताल तलैया बने आरसी
पनघट पे फागुन के गीत
टेसू के रँग घुले महावर
कचनारों में महके प्रीत
लौट आया
वासंती पाहुन
क्यों न होली खेले कोई ?
कैसे रहे अकेले कोई ?

--शशि पाधा

इस सप्ताह
होली विशेषांक में

गीतों में-

bullet

शशि पाधा

bullet

ओमप्रकाश तिवारी

bullet

कमलेश कुमार दीवान

bullet

देवमणि पांडे

bullet

पं. नरेन्द्र शर्मा

bullet

पूनम श्रीवास्तव

bullet

रावेंद्रकुमार रवि

bullet

रमेशचंद्र शर्मा आरसी

bullet

डॉ.रूपचंद्र शास्त्री मयंक

bullet

लावण्या शाह

bullet

डॉ. वीरेन्द्र आज़म

bullet

संजीव सलिल

गजलों में-

bullet

नीरज गोस्वामी

bullet

सतपाल ख़याल

दोहों में-
bullet

कृष्ण शलभ

bullet

गिरीश पंकज

bullet

निर्मला जोशी

bullet

श्यामल सुमन

छंदमुक्त में-

bullet

डा. सरस्वती माथुर

पिछले सप्ताह
२२ फरवरी २०१० के वसंत विशेषांक में

यतीन्द्रनाथ राही, रावेंद्रकुमार रवि, ओम प्रकाश तिवारी, शशि पाधा, संजीव सलिल, शंभु शरण मंडल, डॉ. रूपचंद्र शास्त्री "मयंक", अमित और रमेशचंद्र शर्मा आरसी के गीत, सिद्धेश्वर सिंह, डॉ. सरस्वती माथुर, सचिन श्रीवास्तव, महेन्द्र भटनागर, लावण्या शाह की छंदमुक्त रचनाएँ, साथ ही शुभकामना के लिए छोटी रचनाएँ।

अन्य पुराने अंक

अंजुमन । उपहार । काव्य संगम । गीत । गौरव ग्राम । गौरवग्रंथ । दोहे । पुराने अंक । संकलन । हाइकु
अभिव्यक्ति । हास्य व्यंग्य । क्षणिकाएँ । दिशांतर । नवगीत की पाठशाला

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है।

अपने विचार — पढ़ें  लिखें

 

Google

Search WWW  Search anubhuti-hindi.org
प्रकाशन : प्रवीण सक्सेना -|- परियोजना निदेशन : अश्विन गांधी
संपादन¸ कलाशिल्प एवं परिवर्धन : पूर्णिमा वर्मन
-|- सहयोग : दीपिका जोशी
   
१ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ ०