अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

पं विद्या रतन 'आसी'

जन्म- ११ जुलाई १९३८, जम्मू में।
व्यवसाय : निजी क्षेत्र की नौकरी से अवकाश प्राप्त

कार्यक्षेत्र-
पंडित विद्या रतन 'आसी' जम्मू कश्मीर के जाने–माने बेहतरीन शायरों में से हैं। लेखन‚ पढ़ना‚ संगीत व अध्यात्म उनकी अन्य रुचियाँ हैं।

प्रकाशित कृतियाँ-
ग़जल संग्रह- दश्ते–तलब (२००४)

ई मेल : rakesh.kaushik@sbimf.com

 

अनुभूति में पं. विद्यारतन 'आसी' की रचनाएँ—

अंजुमन में—
क्या मालूम
कौन है
तेरी शफ़कत
रास्ता
राह नहीं थी इतनी मुश्किल



 

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter