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  प्रस्थान

तुम्हें आख़िरकार
देख रहा हूँ
तुम्हारी आँखों में
गुज़रे व़क्त के आँसू हैं
मैं तुम्हें हमेशा के लिए
छोड़कर जाने वाला हूँ
यकायक देखता हूँ
तुम्हारे पीछे खड़ी
एक दूसरी स्त्री को
जो लगभग तुम्हारी जैसी है
मुझसे कह रही है
किसी को छोड़कर तुम
कैसे पा सकोगे मुझे?

१८ मई २००९

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