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हर्ष कुमार

श्री हर्ष कुमार रेल कर्मी हैं और आजकल रेल मंत्रालय, नई दिल्ली में कार्यकारी निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत हैं। इसके पहले ये उत्तर रेलवे, पश्चिम रेलवे, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, कोंकण रेलवे, रेलवे स्टाफ कॉलेज, दक्षिण पूर्व रेलवे एवं रेल कोच कारखाना कपूरथला में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं।
सन १९९९ में छपा इनकी कविताओं का पहला संकलन 'एक भेंट' काफ़ी सराहा गया है।

इन्होंने कंप्यूटरों पर भारतीय भाषाओं के प्रयोग के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनके १९९७ में बनाए हुए 'सुशा' सिस्टम की सहायता से हिंदी, मराठी, गुजराती गुरुमुखी व बांगला भाषाओं में कंप्यूटर पर आसानी से कार्य हो रहा है। सुशा का प्रयोग कर इन भाषाओं में 'फ्रंट ऐंडस' बनाए गए हैं जिससे कि अंग्रेज़ी न जानने वाले लोग भी आराम से कंप्यूटरों पर काम कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आज भी निःशुल्क उपलब्ध है। इसे इंटरनेट से भी लिया जा सकता है। इसकी निःशुल्क प्राप्ति तथा अधिक जानकारी निम्न इंटरनेट साइट से ली जा सकती है।

ई मेल- harshkumar@vsnl.com

  अनुभूति में हर्ष कुमार की रचनाएँ-

कविताओं में-
कल्पना और विश्वास
दंगे
फ़ासला- एक पीढ़ी का
मैं और मेरा भगवान
संध्या का सूर्य
सभ्यता की पहचान
समुद्र की लहरें


 

 

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