अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

संजय कुंदन

जन्म- 7 दिसंबर 1969 को पटना में

शिक्षा- पटना विश्वविद्यालय से हिंदी में स्नातकोत्तर।

हिंदी के विशिष्ट युवा कवि, कहानीकार, और पत्रकार, गाज़ियाबाद, दिल्ली निवासी संजय कुंदन लगभग सभी स्तरीय पत्र-पत्रिकाओं, आकाशवाणी व दूरदर्शन पर अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए हिंदी के युवा कवियों में अपना स्थान बना चुके हैं। उन्हें कविता के लिए 1998 के भारत भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

अपनी कविता के विषय में उनका कहना है- कविता मेरा सामाजिक-राजनीतिक वक्तव्य भी है। कविताओं के ज़रिए मैं उनसे संवाद करना चाहता हूँ जो जीवन को देखते हैं मेरी ही तरह और उसे बदलने के लिए बेचैन होते हैं मेरी ही तरह।

ईमेल- sanjay.kumar@timesgroup.com

 

अनुभूति में संजय कुंदन की रचनाएँ

कविताओं में
अधिकारी वंदना
ऐसा क्या न कहें या ऐसा क्या न करें
कुछ ऐसा था
गाइड
मित्र
यमुना तट पर छठ

 

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter